बोतल का समाजवाद: दैनिक जागरण में ‘हक़ बात’
15 मई 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में हक़ बात समाजवाद की
मोबाइल पागलपन: दैनिक जागरण में ‘लूज़ शंटिंग’
7 मई 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में लूज़ शंटिंग मोबाईल की
लैला तुम्हे कुटवा देगी: दैनिक जागरण में ‘देशनामा’
26 अप्रैल 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में देशनामा लिख के ले लो
नव संवत्सर का फल तो सुनते जाइये: दैनिक जागरण में ‘कुमाउँनी चेली’
23 अप्रैल 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में कुमाउँनी चेली सुनाते हुए
गुम हुईं मानवीय संवेदनाएँ: दैनिक जागरण में ‘परवाज़…शब्दों के पंख’
18 अप्रैल 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में परवाज़…शब्दों के पंख संवेदनायों संग
किसको वोट दे के जर्मनी भेजा जाए: दैनिक जागरण में ‘अमन का पैग़ाम’
17 अप्रैल 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में अमन का पैग़ाम वोट दे के
फिर से बस गया स्वर्ग: दैनिक जागरण में ‘नैतिक जीवन’
16 अप्रैल 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में नैतिक जीवन और स्वर्ग
शुक्र है अब भी बचा है रेडियो: दैनिक जागरण में ‘यायावर’
15 अप्रैल 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में यायावर रेडियो संग
आप की बात करना जरूरी: दैनिक जागरण में ‘खड़ी पाई’
11 अप्रैल 2013 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में खड़ी पाई आप की बात पर
