सही और विज्ञान सम्मत वर्षारंभ: जनसत्ता में ‘अनवरत’

जनसत्ता में अनवरत
23 अप्रैल 2013 को जनसत्ता के नियमित स्तंभ ‘समांतर’ में अनवरत बैसाखी के दिन

हड़ताल एक नया इतिहास लिखेगी: दबंग दुनिया में ‘अनवरत’

दबंग दुनिया में अनवरत
22 फरवरी 2013 को दबंग दुनिया के नियमित स्तंभ ‘ब्लॉग’ में अनवरत हड़ताल

मनुष्य समाज का भविष्य क्या है: जनसत्ता में ‘अनवरत’

जनसत्ता में अनवरत
12 फरवरी 2013 को जनसत्ता के नियमित स्तंभ ‘समांतर’ में अनवरत भविष्य

श्रमजीवी राज्य के नागरिक भी नहीं: जनसत्ता में ‘अनवरत’

27 जुलाई 2012 को जनसत्ता के नियमित स्तंभ ‘समांतर’ में अनवरत श्रमजीवी

बोलने की हदें: जनसत्ता में ‘अनवरत’

30 मई 2012 को जनसत्ता के नियमित स्तंभ ‘समांतर’ में अनवरत हदें

गलती करो तो भुगत लो: आज समाज में ‘अनवरत’

13 अप्रैल 2012 को आज समाज के नियमित स्तंभ ‘ब्लॉग’ में अनवरत गलती

बेहतर जीवन की तलाश: जनसत्ता में ‘अनवरत’

13 अक्टूबर 2011 को जनसत्ता के नियमित स्तंभ ‘समांतर’ में अनवरत जीवन के चिन्ह

कोई सपना देखा या नहीं: दैनिक जागरण में ‘अनवरत’

10 अक्टूबर 2011 को दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण के नियमित स्तंभ ‘फिर से’ में अनवरत लूट खसोट का सपना

वकील बाबू क्या हुआ?: डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट में ‘अनवरत’

17 सितंबर 2011 को डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट के नियमित स्तंभ ‘ब्लॉग राग’ में अनवरत गणित वकील बाबू का